एयर इंडिया क्रैश के एक साल बाद भी इंतजार

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📅 May 31, 2026 • 11:00 PM

"एयर इंडिया क्रैश में 260 मौतों के एक साल बाद भी सवाल बाकी: आखिर क्या हुआ था?"

"हादसे के पीड़ितों के परिवार अभी भी पिछले साल अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।".

एयर इंडिया बोइंग विमान हादसे के एक साल बाद भी जवाब का इंतजार

शुक्रवार को एयर इंडिया के बोइंग विमान हादसे को एक साल पूरा हो गया, जिसमें भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात के शहर अहमदाबाद के घनी आबादी वाले इलाके में 260 लोगों की मौत हो गई थी।

मारे गए लोगों के परिवार शुक्रवार को हादसे की बरसी मनाने के लिए घटनास्थल पर इकट्ठा हुए, लेकिन वे अब भी इस सवाल के जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि पास के हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त क्यों हुआ।

अंतरिम रिपोर्ट का इंतजार

भारतीय अधिकारियों से आने वाले दिनों में एक अंतरिम रिपोर्ट जारी करने की उम्मीद है। हालांकि पीड़ित परिवार अंतिम जांच रिपोर्ट और दुर्घटना के असली कारणों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जांचकर्ता विमान के इंजनों के विश्लेषण को पूरा करने के लिए अंतिम रिपोर्ट जारी करने में देरी कर सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय नियम क्या कहते हैं?

अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के अनुसार, किसी विमान दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट संभव होने पर एक साल के अंदर जारी की जानी चाहिए। अगर जांच में ज्यादा समय लगता है तो हर साल हादसे की बरसी पर अंतरिम बयान जारी किया जाना चाहिए।

एयर इंडिया विमान के साथ क्या हुआ था?

एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान थी, जिसने अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरी थी।

उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद शहर के मेघानी नगर इलाके में एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से जा टकराया।

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, विमान का आखिरी सिग्नल उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद मिला था। विमान लगभग 625 फीट (190 मीटर) की ऊंचाई तक पहुंचा और फिर वापस जमीन पर गिर गया।

हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

विमान में सवार 242 लोगों में से एक यात्री को छोड़कर बाकी सभी की मौत हो गई। इनमें 169 भारतीय नागरिक और 52 ब्रिटिश नागरिक शामिल थे।

हादसे के कारण जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी जान चली गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 260 हो गई। इसके अलावा 67 लोग घायल भी हुए।

एकमात्र जीवित यात्री

विमान में बचने वाले एकमात्र यात्री विश्वास कुमार रमेश हैं, जो ब्रिटिश नागरिक हैं। इस हादसे में उनके भाई की भी मौत हो गई थी।

उनके प्रतिनिधि के अनुसार, एयर इंडिया ने रमेश को उनकी पत्नी और पांच साल के बेटे की मदद के लिए मुआवजा दिया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अन्य परिवारों को भी इसी तरह का मुआवजा मिला है या नहीं।

पीड़ित परिवारों को अब भी उम्मीद

हादसे को एक साल बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार अंतिम रिपोर्ट और सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

उनकी मांग है कि दुर्घटना के कारणों की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।